» इच्छित वर प्राप्ति और सुहाग रक्षक व्रत

भाद्रपद (भादौ) माह की शुक्ल पक्ष तृतीया (तीज) को हरतालिका का व्रत कुंवारी लड़कियां इच्छित वर पाने के लिए व विवाहित महिलाएं अपने सुहाग की रक्षा के लिए करती हैं।

ऐसी मान्यता है कि सोलह सोमवार व हरतालिका ऐसे व्रत हैं जो मनोवांछित वर की इच्छा पूर्ति के लिए किए जाते है। क्योंकि देवी पार्वती ने भगवान शिव की पति रूप में प्राप्ति के लिए यहीं व्रत किया था।

हरतालिका तीज व्रत में इच्छित वर की कामना व अखण्ड सौभाग्य की प्राप्ति के लिए लगभग 30 घण्टे का निर्जला उपवास किया जाता है।

हरतालिका तीज व्रत का विधान -

1. व्रत के एक दिन पहले (द्वितीया) को रात में 12 बजे से पहले चिरचिटा, नीम, गूलर, आदि से दातुन करनी चाहिए।

2. सुबह उठकर सबसे पहले भगवान शंकर का स्मरण करना चाहिए।

3. नित्यकर्मों से निवृत्त होकर शिवालय जाना चाहिए।

4. शाम के समय भगवान शंकर, माता पार्वती और भगवान गणेश जी की बालू या मिट्टी (पिडोर) से प्रतिमा बनाकर उसे केले के पेड़ व फूलों से बने बंदनवार के मंडप में स्थापित करना चाहिए।

5. शाम को धूप, दीप, नैवेध, दूध, दही, धतूरा, फल, फूल, बेलपत्र आदि वस्तुओं से विधि-विधान के साथ पूजन करना चाहिए।

Fairs Around The World
India

Kundri Mela held in Jharkhand is one of the very popular cattle fairs in the state. As a state...

India

The Yellamma Devi fair is held at the Yellamma temple located in Saundatti of Belgaum district...

India

Joranda Mela of Orissa has religious spirit associated with it. Joranda Mela is organized in J...

India

The Jwalamukhi fair is held twice a year during the Navratri of Chaitra and Ashwin. The devote...

India
Shattila Ekadashi...
India

Kailash fair, Agra in Uttar Pradesh is a colorful carnival. India is a land of fairs and festi...

India

Minjar Fair is an annual fare organized in the state of Himachal Pradesh. People from all arou...

Copyright © FestivalsZone. All Rights Reserved.