» Importance of Ramzan (रमज़ान की अहमियत)

Importance of Ramzan (रमज़ान की अहमियत)

Posted On: 09 Jul, 2013| Festival: Ramzan (Roza)

अल्‍लाह पाक ने सारी आसमानी किताबें रमज़ान के महीने में ही उतारी। कुरान पाक लौहे महफ़ूज से दुनिया वाले आसमान पर पूरा का पूरा इसी महीने में उतारा गया और वहां से 23 साल में हालात के हिसाब से थोड़ा-थोड़ा नाजिल किया गया। हजरत इब्राहिम अलैहिस्‍सलाम के सहीफे इसी महीने की 3 तारीख को उतारे गए।

हजरत दाऊद अलैहिस्‍सालम को ज़ुबूर (कुरान जैसी किताब) 18 या 21 रमजान को मिली और हजरत मूसा अलैहिस्‍सलाम को तौरेत 6 रमजान को अता हुई और हजरत ईसा अलैहिस्‍सलाम को इन्‍जील 12 या 13 रमज़ान के मिली। तो सोचने वाली बात है कि अल्‍लाह को रमज़ान का महीना कितना पसंद होगा कि बड़े-बड़े काम इसी महीने के किए। इसलिए हम भी इसकी एहमियत को समझें और अल्‍लाह की इबादत करके इसका पूरा फायदा उठाएं।

रमज़ान में कुरान शरीफ की तिलावत :

सभी आसमानी किताबें जिसमें कुरान शरीफ भी शामिल है, रमज़ान के पाक महीने में उतारी गई। हजरत जिबराइल अलैहिस्‍सलाम हर साल रमजान में पूरा कुरान हजरत मोहम्‍मद सललल्‍लाहू अलैहिवसल्‍लम को सुनाते थे। इससे ये समझ में आता है कि इस महीने में कुरान शरीफ पढ़ने, सुनने-सुनाने की कितनी एहमियत और सवाब है। इस महीने में कम से कम 1 कुरान शरीफ पूरा पढ़ें।

रमज़ान में गरीबों का हक :

हजरत मोहम्‍मद सल्‍लललाहू अलैहीवसल्‍लम ने फरमाया- रमज़ान सब्र का महीना है यानी रोज़ा रखने में कुछ तकलीफ हो तो इस बर्दाश्‍त करें। फिर आपने कहा कि रमज़ान गम बांटने का महीना है। यानी गरीबों के साथ अच्‍छा व्‍यवहार किया जाए। अगर 10 चीजें अपने रोजा इफतार के लिए लाए हैं तो 2-4 गरीबों के लिए भी लाएं।

असल तो ये है कि अपने से अच्‍छा गरीबों के लिए न ला पाएं तो कम से कम अपने जैसा ही ले पाएं। अपने इफतार व सहर के खाने में गरीबों का भी ध्‍यान रखें। अगर आपका पड़ोसी गरीब है तो उसका खासतौर पर ध्‍यान रखें कि कहीं ऐसा न हो कि हम तो खूब पेट भर कर खा रहे हैं और हमारा पड़ोसी थोड़ा खाकर सो रहा है।

World Trade Fair
India

Garhmukteshwar is holy place, situated at the bank of holy river Ganga. Garhmukteshwar is famo...

India

Trilokpur  stands on an isolated hillock about 24 km south-west of Nahan.Trilok Pur impli...

India

Matki Mela is organized on the last day of 40 day fast. People keep fast till they  immer...

India

The history behind the Nauchandi Mela is debatable; some say that it began as a cattle fair wa...

India

The Banganga Fair of Jaipur, Rajasthan takes place near a stream, approximately 11 km from the...

India

Kundri Mela held in Jharkhand is one of the very popular cattle fairs in the state. As a state...

India

Nagaur district is the land of fairs as they are not only cattle markets but in real terms a w...

Articles
Copyright © FestivalsZone. All Rights Reserved.