» Importance Of Green Bangles In Hariyaali Teej (हरियाली तीज में हरी चूड़ियों का महत्व)

Importance Of Green Bangles In Hariyaali Teej (हरियाली तीज में हरी चूड़ियों का महत्व)

Posted On: 04 Jul, 2013| Festival: HARIYALI TEEJ

इस त्योहार में हरी चूड़ियां, हरा वस्त्र और मेंहदी का विशेष महत्व है। मेंहदी सुहाग का प्रतीक चिन्ह माना जाता है। इसलिए महिलाएं सुहाग पर्व में मेंहदी जरूर लगाती है। इसकी शीतल तासीर प्रेम और उमंग को संतुलन प्रदान करने का भी काम करती है।

ऐसा माना जाता है कि सावन में काम की भावना बढ़ जाती है। मेंहदी इस भावना को नियंत्रित करता है। हरियाली तीज का नियम है कि क्रोध को मन में नहीं आने दें। मेंहदी का औषधीय गुण इसमें महिलाओं की मदद करता है।

परिवार की खुशहाली

सावन में पड़ने वाली फुहारों से प्रकृति में हरियाली छा जाती है। सुहागन स्त्रियां प्रकृति की इसी हरियाली को अपने ऊपर समेट लेती हैं। इस मौके पर नई-नवेली दुल्हन को सास उपहार भेजकर आशीर्वाद देती है।

कुल मिलाकर इस त्योहार का आशय यह है कि सावन की फुहारें की तरह सुहागनें प्रेम की फुहारों से अपने परिवार को खुशहाली प्रदान करेगी और वंश को आगे बढ़ाएगी।

World Trade Fair
India

Nanda Devi Raj Jat is one of the world famous festivals of Uttarakhand in India.People ...

India

The Bahu Mela is celebrated in honor of the Goddess Kali whose temple lies in the Bahu Fort. T...

India

Gogamedi Fair is one of the important festivals locally celebrated to remember the Serpent God...

India

The Lavi fair is held in Rampur, Himachal Pradesh. Lavi fair largely popular for the trade and...

India

The Jwalamukhi fair is also held twice a year during the Navratri of Chaitra and Assiy. The de...

India


Bhadrapada Ambaji Mela is a multicultural fair where not only Hindus but people from ...

India

Gokulanand Mela is one such important fair in the state of West Bengal.Gokulanand Mela is held...

Articles
Copyright © FestivalsZone. All Rights Reserved.